H1-B Visa Fee Increase: अमेरिका में H1B वीज़ा (H1B Visa Fee) के लिए लगभग 83 लाख रुपये की नई शुल्क नीति ने टेक इंडस्ट्री में भूचाल ला दिया है। इस फैसले के बाद भारतीय और अन्य विदेशी प्रोफेशनल्स के लिए अमेरिका में नौकरी पाना (US Job Market) और भी मुश्किल हो सकता है। वहीं, स्थानीय अमेरिकी युवाओं के लिए यह एक बड़ा मौका बन कर उभरा है। इससे पहले व्हाइट हाउस ने एक तथ्य पत्र में कहा है कि कई अमेरिकी कंपनियों ने अमेरिकी तकनीकी कर्मचारियों की छंटनी की और उनकी जगह विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त किया। एक कंपनी ने FY 2025 में 5,189 H-1B वीज़ा स्वीकृत किए, जबकि लगभग 16,000 अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की। एक अन्य कंपनी ने 1,698 H-1B स्वीकृत किए, फिर जुलाई में ओरेगन में 2,400 अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की। तीसरी कंपनी ने 2022 से 2025 तक 27,000 अमेरिकी नौकरियों में कमी की, जबकि 25,075 H-1B स्वीकृत किए। एक और कंपनी ने फरवरी में 1,000 अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की, जबकि 1,137 H-1B स्वीकृत किए। अमेरिकी आईटी कर्मचारियों को उनके विदेशी प्रतिस्थापन को प्रशिक्षित करने के लिए भी कहा गया। पूर्व मेटा कर्मचारी (Indian Tech Workers) और वर्तमान में एक डेटा एनालिटिक्स कंपनी के संस्थापक ज़ैक विल्सन ने इस मुद्दे पर अपनी बात खुल कर रखी है। उन्होंने कहा कि नए वीज़ा शुल्क (Visa Fee Increase) ने टेक जॉब मार्केट की प्रतिस्पर्धा को पूरी तरह से बदल दिया है।
