Global Supply: दुनिया के दो बड़े देशों, अमेरिका और वेनेजुएला के बीच गहराते भू-राजनीतिक तनाव (Venezuela US Tension) से वैश्विक तेल बाजार में हलचल मच गई है। जब भी इन दोनों देशों के बीच तल्खी बढ़ती है, तो सबसे पहला सवाल यह उठता है कि क्या इससे भारत की ‘तेल सुरक्षा’ (Oil Security) को कोई खतरा होगा? हालिया रिपोर्ट्स और आर्थिक आंकड़ों पर नजर डालें, तो तस्वीर काफी हद तक भारत के पक्ष में नजर आ रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव के बावजूद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति (Supply) बढ़ने की संभावना है। इसी अटकलबाजी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का रुख देखा गया है। भारत अपनी जरूरत का बहुतायत में कच्चा तेल आयात करता है, ऐसे में वैश्विक कीमतों (Crude Oil Prices) में गिरावट भारत के लिए हमेशा एक सकारात्मक संकेत होती है।