अमृतसर में सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में शहर में एक भव्य और आलौकिक नगर कीर्तन निकाला गया। यह नगर कीर्तन श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू होकर गुरु नगरी के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए गुरु के महल पर संपन्न हुआ। नगर कीर्तन का नेतृत्व पांच प्यारे कर रहे थे और श्री गुरु ग्रंथ साहिब की छत्रछाया में इसे संपन्न किया गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु नगर कीर्तन में शामिल हुए और रास्ते भर पुष्पवर्षा कर, उत्साह और भक्ति के साथ स्वागत किया। निहंग जत्थेबंदियों और अन्य सिख जत्थेबंदियों ने गतका के करतब दिखाकर नगर कीर्तन को और अधिक भव्य और प्रेरणादायक बनाया। श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का अनुभव नगर कीर्तन की यह यात्रा शहर में सिख धर्म के मूल्यों और गुरु साहिब के दिखाए मार्ग का संदेश दे रही थी। नगर कीर्तन में न केवल श्रद्धालुओं की भारी संख्या देखी गई, बल्कि विभिन्न सिख जत्थों ने निहाल कर, श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का अनुभव कराया। श्री गुरु तेग बहादुर जी का यह 350वां शहीदी पर्व नगर कीर्तन के माध्यम से श्रद्धालुओं के दिलों में गुरु साहिब के प्रति भक्ति, साहस और त्याग की भावना को और गहरा कर गया। पूरे कार्यक्रम में भक्तिमय वातावरण रहा और नगर कीर्तन ने शहरवासियों को आध्यात्मिक आनंद और प्रेरणा दी।
