अमृतसर पुलिस ने एक पूरी तरह से ब्लाइंड मर्डर केस को बेहद प्रोफेशनल तरीके से सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। यह सनसनीखेज वारदात 12 और 13 दिसंबर की दरम्यानी रात को हाथी गेट इलाके में सामने आई थी, जो पुलिस कमिश्नरेट अमृतसर के अंतर्गत आता है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक दुकान के अंदर एक व्यक्ति की लाश पड़ी है, जिसके हाथ-पैर बंधे हुए थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर जांच शुरू की। यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड था और शुरुआती तौर पर कोई ठोस सुराग नहीं मिला, इसलिए जांच एक बड़ी चुनौती थी। इस बारे में जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि टीम ने हर छोटे से छोटे क्लू को बारीकी से खंगाला। बारीकी से जांच कर दो आरोपी गिरफ्तार जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल इनपुट के आधार पर केस को सॉल्व किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान मुश्ताक अहमद (20 वर्ष), निवासी कठुआ, जम्मू-कश्मीर और विशाल सिंह (19 वर्ष), निवासी बाबा बकाला, अमृतसर ग्रामीण के रूप में हुई है। दोनों आरोपी एक मैरिज पैलेस में कैटरिंग का काम करते थे और आपस में परिचित थे। चोरी की नीयत से घुसे, विरोध पर की हत्या पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक यशपाल (64 वर्ष) हाथी गेट इलाके में चप्पलों की दुकान चलाते थे और दुकान के अंदर ही आधा शटर बंद कर सो जाया करते थे। आरोपी चोरी की नीयत से दुकान में घुसे, लेकिन जब उन्हें अंदर कोई व्यक्ति सोता मिला और विरोध हुआ तो उन्होंने यशपाल की हत्या कर दी। पुलिस कमिश्नर ने इस सफल जांच के लिए टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री की संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर अमृतसर पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।