अमृतसर के कथू नंगल टोल प्लाजा पर विभिन्न किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने कुछ समय के लिए टोल प्लाजा को मुफ्त (फ्री) कर दिया। प्रदर्शनकारी किसान नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण वे कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। किसान नेताओं ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कमजोर करने और किसानों की जमीन को कॉरपोरेट घरानों को सौंपने की कोशिशों का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा किए गए वादे पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि फसलों के बेहतर दाम पर खरीदने के सरकारी दावे हकीकत से दूर हैं, और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। विदेशों से आयातित उत्पादों से हो रहा नुकसान इसके अतिरिक्त, विदेशों से आयातित उत्पादों के कारण घरेलू किसानों को नुकसान हो रहा है। पंजाब किसान मजदूर यूनियन के नेता सुखजीत सिंह ने बताया कि यह धरना केंद्र और राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों के विरोध में आयोजित किया गया है। उन्होंने 19 मार्च की घटनाओं और किसानों की मांगों को नजरअंदाज किए जाने के खिलाफ आंदोलन जारी रखने की बात कही। किसान नेताओं ने घोषणा की कि आगामी 6 और 10 तारीख को भी इसी तरह के धरने दिए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकारें किसानों की मांगें नहीं मानती हैं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
