नीरजा मोदी स्कूल में चौथी कक्षा की छात्रा अमायरा की मौत के मामले में शिक्षा विभाग ने स्कूल को नोटिस जारी किया है। इसमें व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए 7 दिन में जवाब मांगा गया है। 1 नवंबर को चौथी कक्षा की छात्रा अमायरा स्कूल की चौथी मंजिल से कूद गई थी। नोटिस में कहा कि जांच दल द्वारा परीक्षण करने पर पाया गया है कि यहां बच्चों की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही बरती गई। स्कूल में हर मंजिल पर सुरक्षाकर्मी या सहायिका का न होना, दुर्घटनास्थल को पानी से धोकर साफ किया गया, जो कि विद्यालय प्रशासन की खामी को दर्शाता है। यह विद्यालय प्रशासन की गंभीर लापरवाही का द्योतक है। इससे पहले सीबीएसई ने भी स्कूल को नोटिस जारी किया था। जिसमें घटना के लिए बुलिंग, स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्रा की शिकायत पर शिक्षकों की ओर से ध्यान नहीं देने को प्रमुख कारण माना गया था। लेकिन शिक्षा विभाग के नोटिस में बुलिंग का कोई जिक्र नहीं है। यह नोटिस माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी किया गया है। साथ ही चेतावनी दी है कि संस्था द्वारा निर्धारित समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने पर विभाग द्वारा यह मान लिया जाएगा कि संस्था इस नोटिस के संबंध में कुछ नहीं कहना चाहती है। इसके बाद विभाग द्वारा राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम-1989 नियम 1993 की पालना नहीं किए जाने पर राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था नियम 1993 के नियम-7 के तहत स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में बुलिंग का जिक्र नहीं होने से जांच पर उठा सवाल सीबीएसई ने घटना के लिए बुलिंग और शिक्षक-मैनेजमेंट की ओर से इस पर ध्यान नहीं देने को भी कारण माना था। अभिभावक भी बार-बार आरोप लगा रहे हैं कि छात्रा की शिकायत पर शिक्षकों ने ध्यान नहीं दिया। इसके बावजूद शिक्षा विभाग के नोटिस में बुलिंग का कोई जिक्र नहीं है। संयुक्त अभिभावक संघ के प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू का कहना है कि बुलिंग का जिक्र नहीं होने से विभाग की जांच पर ही सवाल उठ गया है। विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर शिक्षा विभाग ने नोटिस में बुलिंग का जिक्र क्यों नहीं किया। विभाग की जांच में ये खामियां मिलीं
