F&O Trading: एनएसई के कई इंडेक्स डेरिवेटिव्स के लॉट साइज में आज से बदलाव किया जा रहा है। इसका मकसद रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना और रिस्क को सीमित करना है। अब कम पूंजी में भी एफएंडओ ट्रेडिंग संभव होगी। यह बदलाव सेबी के निर्देशों के तहत हो रहा है, जिसमें उसने कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू को 10 से 15 लाख रुपये के बीच रखने का निर्देश दिया था।
