जयपुर | रेलवे ने दुर्घटनाएं कम करने के लिए संरक्षा उपायों को सख्त किया है। 2026 से सभी 17 रेलवे जोन में साल में दो बार संरक्षा जांच होगी। इसमें 17 जोनल रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह कदम ट्रेन संचालन में संरक्षा, प्रक्रियात्मक गलतियों को पकड़ने और संरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया है। इस ऑडिट की जांच रिपोर्ट ऑनलाइन जमा करनी होगी और कमियों को 30 दिनों में ठीक करना होगा। पहले यह इंटर रेलवे सुरक्षा ऑडिट साल में एक बार होता था, लेकिन अब रेलवे बोर्ड ने इसे अनिवार्य और समयबद्ध बना दिया है। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सुरक्षा) बीएम त्रिपाठी ने सभी जोनल रेलवे के जीएम को पत्र जारी कर नया शेड्यूल भेजा है। इसके तहत जांच दो चरणों में होगी, जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर। हर जोन दूसरे जोन की जांच करेगा और बदले में उसकी जांच होगी। उत्तर पश्चिम रेलवे-जयपुर की टीम पश्चिम रेलवे-मुंबई में मार्च से अप्रैल और सितंबर से अक्टूबर की अवधि में जांच करेगी तो वहीं, उत्तर पश्चिम रेलवे-जयपुर जोन की जांच उत्तर रेलवे-दिल्ली को सौंपी है।