अबोहर में नशा मुक्ति केंद्र से लौटे 21 वर्षीय युवक की घर आने के कुछ घंटों बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक को बाईपास पर एक कार में बेहोश पाया गया था, जिसके बाद उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने वहां उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और शव घर ले गए। मृतक की पहचान स्थानीय हिंदूमलकोट रोड निवासी रक्षपाल के रूप में हुई है। उसके पिता सौरभ ने बताया कि रक्षपाल ने 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद बीए की पढ़ाई शुरू की थी। इसी दौरान वह कुछ युवकों के साथ नशा करने लगा था, जिसके चलते उसे नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। पिता बोले- बेटा 3 महीने नशा मुक्ति केंद्र में रहा था पिता सौरभ के अनुसार, रक्षपाल तीन महीने तक नशा मुक्ति केंद्र में रहा था। उसे आज सुबह 11 बजे ही घर वापस लाया गया था। घर आने के कुछ समय बाद रक्षपाल अपनी कार लेकर निकल गया, जिसके बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान परिवार को सूचना मिली कि बाईपास पर स्थित एक ट्रैक्टर एजेंसी के पास एक कार में एक युवक बेहोश पड़ा है। परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और रक्षपाल को सरकारी अस्पताल ले गए। हालांकि, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक परिजन शमशेर सिंह ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र से बेटे को वापस लाते समय उन्हें उम्मीद थी कि वह पूरी तरह से नशा छोड़ चुका है। रक्षपाल अपने पिता का इकलौता बेटा था और उसकी एक बहन है। घटना की सूचना मिलने पर एएसआई भूपेन्द्र सिंह मौके पर पहुंचे। हालांकि, परिजनों ने पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया। इसके बाद वे शव अपने साथ ले गए।
