नागौर कलेक्टर का एक आदेश चर्चा का विषय बना हुआ है। कलेक्टर ने भाजपा सरकार के 2 साल पूरे होने पर अधिकारियों को सरकार की योजनाओं से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हिदायत दी है कि जिले के सभी अधिकारी इसे सुनिश्चित करेंगे। कलेक्टर बोले- यह पब्लिसिटी का तरीका है
जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित का कहना है- सरकार के 2 साल का कार्यकाल पूरा करने पर जो भी कार्यक्रम होते हैं, या जो भी सरकारी योजनाएं हैं, यह उनकी पब्लिसिटी करने का तरीका है। कई कर्मचारी ट्वीट और रि-ट्वीट करना नहीं जानते हैं, क्योंकि यह टेक्निकल चीज है। इसी कारण जनसंपर्क अधिकारी (PRO) ने यह प्रपोजल दिया था। इसमें बताया गया था कि किस तरह से काम करना है। यह कर्मचारियों को समझाने के लिए एक आदेश जारी किया गया था। पढ़िए- कलेक्टर की ओर से जारी आदेश पीआरओ ने कहा- यह दबाव नहीं
जिला जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) मनीष जैन का कहना है कि सरकार की जितनी भी योजनाएं हैं, जो भी उपलब्धियां हैं, उनके लिए हम सभी प्रकार की न्यूज देते हैं I आज के दौर में सोशल मीडिया की मैक्सिमम रीच है I उन्होंने कहा- सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए यह एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि आज का युवा और आम जनता सोशल मीडिया पर सक्रिय है, इसलिए यह सूचना पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम हैI हालांकि कर्मचारियों पर दबाव या बाध्यता के सवाल पर पीआरओ ने स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार का दबाव नहीं है, बल्कि एक राजकीय उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा- जिस प्रकार एक कर्मचारी के लिए कार्यालय समय में उपस्थित रहना उसकी ड्यूटी है, उसी प्रकार सरकार की सकारात्मक छवि और योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाना भी हमारी प्राथमिकता और कर्तव्य है।
