अजमेर में जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्म कल्याणक महोत्सव हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाया गया। केसरगंज स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैसवाल जैन मंदिर से शोभायात्रा शुरू हुई। शोभायात्रा में जैन धर्म की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक वैभव को दर्शाती हुई झांकियां सजाई गई। महिला पुरुष व बच्चों ने भजनों पर झांस किया। जगह जगह विभिन्न् समाज व संगठनों की ओर से स्वागत किया गया। शोभायात्रा में सेठ भागचंद सोनी परिवार द्वारा निर्मित स्वर्ण रथ पर श्रीजी की सवारी विराजमान रही। इसके साथ ही 13 अन्य रथ भी शामिल रहे। निर्यापक मुनि योग सागर महाराज ससंघ शामिल हुए। शोभायात्रा में महिलाएं केसरिया साड़ी और पुरुष श्वेत वस्त्रों में शामिल हुए। अलग-अलग स्थानों से आए बैंड दल अपनी मधुर धुनों की प्रस्तुति दी। केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी भी शामिल हुए। जैन समाज के लोगो को ख़्वाजा साहब के दरगाह शरीफ के खादिमों समुदाय द्वारा दस्तार बंदी कर हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की गई। अजमेर में देश का सबसे बड़ा सोने का रथ श्रीजी की सवारी सोने के रथ पर निकाली गई। देश का सबसे बड़ा सोने का रथ अजमेर में है। करोड़ों के इस रथ को साल में एक बार महावीर जयंती पर निकाला जाता है। करीब डेढ़ सौ साल पहले इसे दिल्ली के कारीगरों ने बनाया था। करीब 25 साल पहले इसके मेंटेनेंस पर 25 लाख रुपए खर्च हुए थे। श्रद्धालु ने इसे हाथों से खींचा। रथ का बेसिक स्ट्रक्चर लकड़ी और तांबे का है। रथ के ऊपर सोने की परत चढ़ाई गई है। रथ के मुख्यतः तीन पार्ट्स हैं। इसमें आगे की तरफ घोडे़, पीछे बग्गी और गुंबदनुमा छत है। इसके अलावा इसके अलग-अलग 51 पार्ट्स हैं। महावीर जयंती से कुछ दिन पहले ही ट्रस्ट के सदस्यों की देखरेख में रथ के पार्ट्स को असेंबल किया जाता है। रथ यात्रा समाप्त होने के बाद वापस इनके पार्ट्स को अलग-अलग कर दिया जाता है। PHOTOS में देखें महावीर जयंती महोत्सव की शोभायात्रा….
